Tuesday, November 2, 2010

एक प्रेम ऐसा भी - दीपक और अँधेरा-- डॉ नूतन गैरोला




एक प्रेम ऐसा भी - दीपक और अँधेरा




विधि का विधान
सबने कोसा तुझे
तू अँधेरा बन
सब की आँखों में खटका |

और दीया
सबके माथे पर चढ
इतराया |

तू अँधेरा था
युगों से
तेरा प्यार
पर्त दर पर्त
अंधेरो की गुमनामी में
बदनामी की गलियों में
अदृश्य
मौन
चलता रहा |

पर उस
निर्विकार
निस्वार्थ
प्रेम की
तू प्रेरणा भी न बन पाया ,
क्यूंकि तुने कब चाहा
नाम, सम्मान अपना,
तू बस बदनाम और बदनाम रहा |
तू कालिख बन
दुनिया को डराता रहा..
और दीये की महत्ता को जताता रहा|

ये तेरा प्रयास था ..
दीये के अस्तित्व को लाना था |
दुनिया की निगाहों में
दीये का नाम पाना था |

और जब दीये को सबने जाना
तू मौन चुपचाप
हट गया
दीये के नाम के लिए
दर्द अपना पी कर
परित्याग कर अपनी सत्ता
उसकी रौशनी को थमा दी |

भले ही
तेरा बलिदान
छुपा हो सबसे
दुखी न हो,
अफ़सोस न कर |

दीये ने भी कब
ठुकराया है तुझे |
अप्रत्यक्ष ही सही
अपनाया है तुझे |

दीपक ने भी
ठानी है दिल में
कि जब तक
रौशनी रहेगी
संग मेरे ,
रहेगा
संग
दीपक-तले अँधेरा |




डॉ नूतन गैरोला ... २/११/२०१० १२ :२८



 

15 comments:

  1. diye ki pahchaan ... aur andhere ka maun hat jaana
    ... kitne vividh aayam hain sochne ke n
    isse adhik kya kahun, jahan vividh aayam ho , zindagi wahin geet gati hai

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  2. बहुत ही गहरी बात कह दी…………बेहद उम्दा प्रस्तुति।

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  3. बहुत बड़ी सच्चाई को अभिव्यक्त करती एक गहन प्रस्तुति...दीपक और उसके तले अँधेरे का बहुत ही सुन्दर और नूतन सम्बन्ध प्रस्तुत किया है..आभार..

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  4. नूतन जी, प्रेम का यह रूप भी लाजवाब है।

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  5. खूबसूरत!
    आशीष
    ---
    पहला ख़ुमार और फिर उतरा बुखार!!!

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  6. बहुत सुन्दर रचना है!
    --
    हर एक छंद में नया बिम्ब समाया है!

    ज्योति-पर्व दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ!

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  7. बहुत ही खूबसूरत रचना,

    रामराम.

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  8. दिये और अँधेरे में प्रेम दर्शाती हुई आपकी कविता में नयापन और आकर्षण दोनों है.
    आपको बधाई अच्छी कविता की भी और दीपावली की भी.

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  9. tabhi ti kaha gaya hai chirag tale andhera......deepak ka kam hi hai doosaro ko roshani dena

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  10. 3/10

    बहुत ही सतही रचना
    इस तरह की रचना को झेलना भी एक समस्या है

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  11. .

    Quite realistic creation !

    .

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  12. दुनिया की निगाहों में
    दीये का नाम पाना था

    प्रभावशाली कवितां

    आपको एवं आपके परिवार को दीपावली की शुभकामनाएं।

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  13. श्रीमान महोदय / महोदया जी,
    आप व आपके परिवार को दीपावली, गोबर्धन पूजा और भैया दूज की हार्दिक शुभकामनायें. शुभाकांक्षी-रमेश कुमार सिरफिरा. विनम्र अनुरोध के साथ ही इच्छा हैं कि-अगर आपको समय मिले तो कृपया करके मेरे (http://sirfiraa.blogspot.com, http://rksirfiraa.blogspot.com, http://mubarakbad.blogspot.com, http://aapkomubarakho.blogspot.com, http://aap-ki-shayari.blogspot.com, जल्द ही शुरू होगा http://sachchadost.blogspot.com) ब्लोगों का भी अवलोकन करें. हमारी या हमारे ब्लोगों की आलोचनात्मक टिप्पणी करके हमारा मार्गदर्शन करें. हम आपकी आलोचनात्मक टिप्पणी का दिल की गहराईयों से स्वागत करने के साथ ही प्रकाशित करने का आपसे वादा करते हैं.

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  14. ma'am wish u a very very happy diwali and new year, thanking u

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